
हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब हर घर, दुकान और दफ्तर में प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे। यह मीटर मोबाइल फोन की तरह काम करेंगे, जिन्हें पहले रिचार्ज कराना होगा, तभी बिजली मिलेगी।
राज्य विद्युत बोर्ड ने केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया तेज कर दी है। दिसंबर 2025 तक प्रदेश के सभी 19.5 लाख उपभोक्ताओं के पुराने पोस्टपेड मीटर हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को बिजली की खपत के अनुसार रिचार्ज करने की सुविधा मिलेगी।
प्रीपेड मीटर कैसे काम करेगा?
प्रीपेड मीटर में तय राशि का रिचार्ज करवाना होगा। जैसे ही वह राशि समाप्त होगी, बिजली स्वत: कट जाएगी। उपभोक्ता को एसएमएस के जरिए पहले ही सूचना दे दी जाएगी ताकि समय रहते रिचार्ज किया जा सके। इससे उपभोक्ता जरूरत के अनुसार बिजली का इस्तेमाल कर पाएंगे और खर्च पर नियंत्रण होगा।
क्या होंगे फायदे?
बिल की पारदर्शिता: अब गलत रीडिंग या ओवर बिलिंग की समस्या नहीं रहेगी।
बिजली बचत: उपभोक्ता अनावश्यक बिजली नहीं जलाएंगे, जिससे खपत में कमी आएगी।
बिजली चोरी पर रोक: हर यूनिट रिकॉर्ड होगी, जिससे चोरी पर नियंत्रण होगा।
मैनपावर की बचत: मीटर रीडिंग लेने वाले कर्मचारियों की आवश्यकता कम होगी।
छुट्टी पर गए तो बचत: बाहर जाने पर बिजली खर्च नहीं होगा, तो बिल भी नहीं आएगा।
रिचार्ज कैसे होगा?
बिजली बोर्ड राज्यभर में वेंडिंग मशीनें लगाएगा, साथ ही मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध होगी। उपभोक्ता अपने मोबाइल से ही रिचार्ज कर पाएंगे और मीटर की रीयल टाइम जानकारी ले सकेंगे।
सुरक्षा राशि नहीं देनी होगी
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि उपभोक्ताओं को अब नए प्रीपेड मीटर पर कोई सिक्योरिटी राशि नहीं देनी पड़ेगी। इससे आम लोगों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
