
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 15 जून को सतलुज नदी में गिरी महिला का शव 45 किलोमीटर दूर गोबिंद सागर झील के किनारे मिला।
घटना बिलासपुर सदर थाना के तहत आने वाले तरेड़ गांव की है। मृतक महिला की पहचान कौशल्या देवी (उम्र 40 वर्ष) पत्नी ज्ञान चंद निवासी गांव तरेड़, डाकघर चांदपुर के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, 15 जून को कौशल्या देवी अपनी सास के साथ घास काटने के लिए सतलुज नदी के किनारे गई थीं। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव वाली नदी में जा गिरी। गिरते ही उसने अपनी सास को आवाज लगाई। सास ने उसे बचाने के लिए तुरंत दुपट्टा फेंका लेकिन अफसोस, वह उसे पकड़ नहीं सकी।
इसी दौरान किनारे खड़े मोटर बोट चालकों ने उसे बचाने की कोशिश की और बोट को पानी में उतारा, लेकिन तेज बहाव और दूरी के कारण महिला तक नहीं पहुंच पाए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और खोज अभियान शुरू किया गया।
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद ली और यहां तक कि ड्रोन की सहायता से भी नदी के बहाव को बागछाल पुल तक स्कैन किया गया। लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद महिला का कुछ पता नहीं चल सका। परिजन और ग्रामीण दिन-रात तट पर बैठकर आस लगाए हुए थे।
गुरुवार शाम को पुलिस को राहत तब मिली जब मलरांव नामक स्थान पर गोबिंद सागर झील के किनारे महिला का शव दिखाई दिया।
बताया गया है कि जहां से महिला नदी में गिरी थी, वहां से यह स्थान करीब 45 किलोमीटर दूर है। सतलुज नदी में तेज बहाव के चलते शव काफी दूर तक बह गया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी ने बताया कि शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाते समय सतर्कता बरतने की अपील की है, विशेषकर मानसून के मौसम में जब पानी का बहाव काफी तेज होता है।
