
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे जोश और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस बार का विषय था – “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य”, जो प्रकृति और मानव स्वास्थ्य के गहरे संबंध को उजागर करता है।
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने शिमला में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह एक जीवनशैली है। योग और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। जो व्यक्ति योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करता है, वह न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त होता है।
डॉ. शांडिल ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र और उत्सर्जन तंत्र क्रियाशील रहते हैं। साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे योग को अपनाएं और नशे से दूर रहें। उनका कहना था कि योग न केवल शरीर को सशक्त बनाता है, बल्कि यह नकारात्मकता से भी दूर रखता है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. शांडिल ने पौधारोपण भी किया और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे हम अपने शरीर की देखभाल करते हैं, वैसे ही हमें पृथ्वी की भी देखभाल करनी चाहिए। जब पृथ्वी स्वस्थ होगी, तभी मानव जाति भी स्वस्थ रह सकेगी।
उन्होंने इस अवसर पर हिमाचल सरकार द्वारा चलाई जा रही रोजगारोन्मुखी योजनाओं की जानकारी भी दी और युवाओं से इनका लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपमण्डलाधिकारी डॉ. पूनम बसंल, डॉ. निशा वर्मा, डॉ. अमित रंजन तलवार, तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आज जब युवा पीढ़ी नशे, तनाव और अस्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ रही है, ऐसे में योग ही एक ऐसा समाधान है, जो उन्हें संतुलन, स्वास्थ्य और सकारात्मकता प्रदान कर सकता है।
