हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार ने रविवार को तबाही मचा दी। शनिवार मध्यरात्रि करीब 1:10 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार को पूरे दिन जारी रही। मौसम विभाग द्वारा पहले ही रेड अलर्ट जारी किया गया था, जो अब पूरी तरह असर दिखा रहा है।
राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, भूस्खलन, पेड़ों के गिरने और नदियों के उफान ने लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कें बंद हैं, ट्रैफिक जाम है और पहाड़ी क्षेत्रों में खतरा और अधिक बढ़ गया है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को 6 जिलों — किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर — में बाढ़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, बिलासपुर, मंडी, सिरमौर और सोलन में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
शिमला, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को राज्य सचिवालय में अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। बैठक में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की जाएगी और ज़रूरी संसाधनों को तैनात करने पर चर्चा होगी।
मौसम विभाग के अनुसार 3 जुलाई तक राज्य भर में येलो अलर्ट जारी रहेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
