NASA का Perseverance रोवर एक बार फिर सुर्खियों में है। इसने मंगल ग्रह की सतह पर बिना मानवीय हस्तक्षेप के अब तक की सबसे लंबी ड्राइव पूरी कर ली है। Perseverance ने चट्टानों से भरी सतह पर 411 मीटर से अधिक की दूरी तय की है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
यह ड्राइव सिर्फ दूरी तय करने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि Perseverance रोवर अब और भी ज्यादा ऑटोनॉमस यानी स्वायत्त हो चुका है। NASA की रिपोर्ट्स और Science Alert के अनुसार, यह रोवर अपने एडवांस्ड सेल्फ-ड्राइविंग सॉफ्टवेयर की मदद से न सिर्फ ड्राइव कर सकता है, बल्कि रियल टाइम में इमेज प्रोसेस और एनालाइज भी कर सकता है।
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क्यों है Perseverance रोवर खास?
Perseverance को इसके पूर्ववर्ती रोवर्स – Curiosity और Opportunity – से कई मामलों में बेहतर बनाया गया है:
तेज गति: इसकी स्पीड मंगल ग्रह के पिछले रोवर्स से अधिक है।
सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी: यह खुद से निर्णय लेकर आगे बढ़ सकता है।
रियल-टाइम इमेज प्रोसेसिंग: Perseverance को तस्वीरें लेने के बाद उन्हें पृथ्वी पर भेजने की जरूरत नहीं, यह वहीं उन्हें समझ सकता है।
वैज्ञानिक उद्देश्य क्या हैं?
Perseverance इस समय Jezero क्रेटर रिम के Krokodillen पठार पर रिसर्च कर रहा है। इस इलाके में मिट्टी वाली कमजोर चट्टानों की पहचान की गई है, जिनमें अगर फिलोसिलिकेट्स जैसे मिनरल्स मिलते हैं तो इसका मतलब यह होगा कि वहां कभी पानी की मौजूदगी थी।
यह खोज वैज्ञानिकों के लिए बहुत अहम है क्योंकि इससे यह साबित हो सकता है कि अरबों साल पहले मंगल पर जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां थीं।
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मंगल पर महासागर होने के संकेत
Perseverance के अलावा चीन का Zhurong रोवर भी मंगल पर महत्वपूर्ण डेटा इकट्ठा कर रहा है। इसके माध्यम से वैज्ञानिकों को ऐसे प्रमाण मिले हैं, जो संकेत देते हैं कि मंगल के उत्तरी हिस्से में एक प्राचीन महासागर रहा होगा।
मंगल की सतह पर 4 साल की मेहनत
Perseverance लगभग चार वर्ष पहले मंगल पर उतरा था और तब से लेकर अब तक इसने कई कीर्तिमान बनाए हैं:
700 मीटर की ऑटोनॉमस ड्राइव
6.5 मीटर की सफल टेस्ट ड्राइव
चट्टानों के सैंपल कलेक्शन मिशन
