बरसात के मौसम में आई भीषण बाढ़ ने हिमाचल और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में तबाही मचा दी है। खासकर चक्की दरिया (खड्ड) में आई जलप्रलय जैसी स्थिति ने डमटाल के ढांगू में बने जम्मू-दिल्ली रेलवे पुल की नींव को गहरा नुकसान पहुंचाया है। यह वही पुल है, जिससे होकर देश के विभिन्न राज्यों से जम्मू-कश्मीर के लिए ट्रेनें प्रतिदिन गुजरती हैं।
बाढ़ के कारण पुल की एक बड़ी नींव बह गई और ठीक उसी वक्त हजारों यात्रियों से भरी एक ट्रेन जम्मू से दिल्ली की ओर इसी पुल से गुजर रही थी। यह क्षण काफी भयावह था क्योंकि यदि ट्रेन कुछ और समय पुल पर रुकती, तो पुल सहित ट्रेन भी चक्की दरिया में समा सकती थी। गनीमत रही कि ट्रेन धीरे-धीरे पुल पार कर गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
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रेल प्रबंधक मंडल जम्मू के विवेक कुमार ने जानकारी दी कि रेलवे विभाग स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्परता से कार्य कर रहा है। ढांगू माजरा पर बने इस पुल की मरम्मत हेतु टेंडर को अवार्ड कर दिया गया है। अगस्त 2025 तक मरम्मत कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और संबंधित ठेकेदार को युद्धस्तर पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, पुल की हालत चिंताजनक है, फिर भी फिलहाल रेलवे ने इस पुल से ट्रेनों के आवागमन को बंद नहीं किया है। रेलवे के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सुरक्षा मानकों के तहत ट्रेन संचालन जारी है।
यह पुल न केवल हिमाचल और पंजाब को जोड़ता है, बल्कि देश के कोने-कोने से जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाली ट्रेनों का महत्वपूर्ण मार्ग है। इसलिए इसकी मरम्मत और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।
