हिमाचल प्रदेश सरकार में उद्योग, संसदीय कार्य, श्रम एवं रोज़गार मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान आगामी 22 सितम्बर 2025 को सोलन ज़िले के दौरे पर रहेंगे। उनके इस दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, मंत्री चौहान शाम 04:00 बजे नालागढ़ उपमंडल पहुंचेंगे और यहां पर बनने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क तथा घीड़ औद्योगिक क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण करेंगे।

सरकार की ओर से इस दौरे को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मेडिकल डिवाइस पार्क न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए उद्योग और रोज़गार के नए अवसरों का द्वार खोल सकता है। इस पार्क में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा, जिससे प्रदेश की औद्योगिक पहचान को मजबूती मिलेगी।

हर्षवर्द्धन चौहान के साथ इस दौरान मंत्रिमंडलीय उप समिति के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। यह समिति प्रदेश में निवेश, उद्योगों के विस्तार और रोज़गार के नए साधनों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। बताया जा रहा है कि नालागढ़ का यह दौरा औद्योगिक निवेश की दृष्टि से अहम साबित हो सकता है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मंत्री चौहान मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करेंगे। इसके साथ ही, वे घीड़ औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित इकाइयों की स्थिति का भी जायजा लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई प्रस्तावों पर विचार चल रहा है। मंत्री चौहान अपने दौरे के दौरान इन प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे।

सोलन जिला हिमाचल प्रदेश का औद्योगिक केंद्र माना जाता है। यहां पर फार्मा कंपनियों से लेकर बड़े पैमाने पर विनिर्माण इकाइयां सक्रिय हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण से यह जिला देशभर में एक नई पहचान बना सकता है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि पार्क शुरू होने से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

हर्षवर्द्धन चौहान ने हाल ही में प्रदेश विधानसभा में कहा था कि सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरल नीतियां और तेज़ मंज़ूरी प्रणाली लागू की जा रही है। उनका यह दौरा इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि मंत्री चौहान का यह दौरा नालागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए नए द्वार खोलेगा। विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योगों को इससे लाभ मिलने की संभावना है

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