हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने और युवाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देने के उद्देश्य से हिमाचल उत्सव में इस बार राज्य स्तरीय गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता पूरे उत्सव का केंद्र बिंदु बन गई, जहां जूनियर और सीनियर दोनों श्रेणियों के प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी आवाज़ के जादू से दर्शकों और निर्णायकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं में दिखा उत्साह इस बात का प्रमाण था कि हिमाचल की नई पीढ़ी संगीत और कला को लेकर कितनी गंभीर है। प्रतियोगिता ने न केवल मंच पर छुपी प्रतिभाओं को सामने लाया बल्कि संगीत प्रेमियों को भी एक यादगार शाम दी।
जूनियर कैटेगरी के विजेता
जूनियर कैटेगरी में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। अनेक प्रतिभागियों के बीच मेघना ने अपनी सुरीली आवाज़ और बेहतरीन प्रस्तुति से पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर अरमान और तीसरे स्थान पर रुद्र रहे। इन सभी ने अपनी गायकी से यह साबित कर दिया कि आने वाला समय हिमाचल के संगीत के लिए बेहद उज्ज्वल है।
सीनियर कैटेगरी के विजेता
सीनियर कैटेगरी का मुकाबला भी किसी से कम नहीं था। यहां करन ने अपनी मधुर आवाज और लयबद्ध प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर शिवानी गोयल रहीं, जिन्होंने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, देवांश ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विशेष सम्मान
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के हौसले को बढ़ाने के लिए सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह सम्मान शीला वर्मा को दिया गया, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से आयोजन को और खास बना दिया।
समापन और सम्मान समारोह
प्रतियोगिता का समापन हिमाचल उत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी और मंच पर आकर प्रतिभाओं को सम्मानित किया। मंत्री ने कहा कि हिमाचल की धरती प्रतिभाओं से भरपूर है और इस प्रकार के आयोजन उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।
आयोजन की विशेषता
इस प्रतियोगिता ने साबित किया कि हिमाचल की युवा पीढ़ी केवल पढ़ाई या खेलों में ही नहीं, बल्कि कला और संगीत के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है। दर्शकों की तालियां और निर्णायकों की सराहना ने इस कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
हिमाचल उत्सव के इस शानदार आयोजन ने राज्य के सांस्कृतिक जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया और यह संदेश दिया कि जब मंच और अवसर मिलते हैं, तो युवा अपनी प्रतिभा से किसी भी ऊंचाई को छू सकते हैं।
