पनीर शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। यह नॉनवेज का सबसे लोकप्रिय वेज विकल्प है, जिसे हर वर्ग के लोग बड़ी पसंद से खाते हैं। लेकिन बढ़ती मांग के बीच अब मिलावटखोरों ने भी पनीर में खेल शुरू कर दिया है।

बाजार में मिलने वाला हर पनीर एक जैसा नहीं होता। असल में, पनीर दो तरह का आता है — डेयरी पनीर और एनालॉग पनीर (सिंथेटिक पनीर)। दोनों का स्वाद भले ही लगभग एक जैसा लगे, लेकिन सेहत पर इनका असर बिल्कुल अलग होता है।

डेयरी पनीर को दूध से तैयार किया जाता है। इसे बनाने के लिए दूध को गरम कर उसमें नींबू का रस, सिरका या कोई एसिडिक पदार्थ डाला जाता है, जिससे दूध फटकर कर्ड और पानी अलग हो जाते हैं। यही कर्ड दबाकर जमाया जाता है और पनीर बनता है।
यह पनीर प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन B12 से भरपूर होता है। इसके सेवन से हड्डियाँ, मसल्स और नर्वस सिस्टम मजबूत होते हैं।

एनालॉग या सिंथेटिक पनीर दूध से नहीं, बल्कि वनस्पति तेल, स्टार्च और मिल्क पाउडर जैसी चीजों से बनाया जाता है। इसमें स्वाद और रंग के लिए आर्टिफिशियल फ्लेवर मिलाए जाते हैं। यह पनीर सस्ता होता है और जल्दी खराब नहीं होता, इसलिए इसका उपयोग होटलों, स्ट्रीट फूड और कैटरिंग में अधिक किया जाता है।

FSSAI और कई हेल्थ रिपोर्ट्स के अनुसार, एनालॉग पनीर में मौजूद ट्रांस फैट और हाइड्रोजेनेटेड ऑयल्स सेहत के लिए खतरनाक होते हैं। ये हार्ट डिजीज, मोटापा, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएँ पैदा कर सकते हैं।

पहचान कैसे करें असली पनीर की

  • असली डेयरी पनीर दबाने पर मुलायम और थोड़ा नम होता है।

  • नकली पनीर रबर जैसा सख्त लगता है।

  • गरम पानी में डालने पर असली पनीर थोड़ा टूटने लगता है, जबकि नकली पनीर वैसा का वैसा रहता है।

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. 

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