हिमाचल प्रदेश सरकार की समय से पहले रिहाई नीति के तहत नाहन स्थित मॉडल सेंट्रल जेल से उम्रकैद की सजा काट रहे चार कैदियों को रिहा कर दिया गया है। जेल प्रशासन के अनुसार, कुल छह कैदियों की सिफारिश राज्य सजा समीक्षा बोर्ड को भेजी गई थी, क्योंकि उन्होंने 14 साल की अनिवार्य अवधि पूरी कर ली थी और जेल में उनका आचरण भी संतोषजनक रहा।
जानकारी के मुताबिक, समय से पहले रिहाई की सिफारिश उन्हीं कैदियों के लिए की जाती है जिन्होंने न्यूनतम 14 वर्ष जेल में बिताए हों और उनका व्यवहार लगातार अच्छा रहा हो। इस बार भेजी गई फाइलों में से चार कैदियों की रिहाई सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंजूर कर दी गई। ये कैदी सिरमौर, बिहार, हरियाणा और हिमाचल के ऊना जिले के रहने वाले हैं।
वहीं, शेष दो कैदियों—एक छत्तीसगढ़ और एक अमृतसर के निवासी—की रिहाई अभी लंबित है। जेल अधिकारियों ने बताया कि संबंधित जिलों के उपायुक्तों से 10,000 रुपए के जमानत बंध पत्र की सत्यापित रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलते ही दोनों की रिहाई प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
इसी बीच, जेल प्रशासन ने छह और योग्य कैदियों के मामलों की रिपोर्ट तैयार कर ली है, जो जल्द ही 14 वर्ष की अर्हता अवधि पूरी करने वाले हैं।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, जेल विभाग पहले विस्तृत रिपोर्ट बनाकर इसे अतिरिक्त महानिदेशक (जेल) को भेजता है। इसके बाद एडीजी इस रिपोर्ट को गृह सचिव की अध्यक्षता वाले राज्य सजा समीक्षा बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करता है। बोर्ड की मंजूरी मिलते ही मामला अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य मंत्रिमंडल के पास भेजा जाता है।
