हिमाचल प्रदेश में लगातार गिरते तापमान, शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग द्वारा पहाड़ों पर संभावित बर्फबारी और बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
जनवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूरे राज्य में भीषण शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में 8 जनवरी तक घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे सुबह और रात के समय दृश्यता पर असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 जनवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं 7 से 10 जनवरी के बीच प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है।
रविवार को प्रदेशभर में मौसम सामान्य रूप से साफ रहा। शिमला और मनाली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुबह से धूप खिली रही, जबकि सुंदरनगर, बिलासपुर और पांवटा साहिब में घना कोहरा छाए रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के पांच स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है। लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा स्पीति का ताबो माइनस 6.1, किन्नौर का कल्पा माइनस 3, रिकांगपिओ माइनस 0.4 और नारकंडा माइनस 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं मैदानी क्षेत्रों में बजौरा में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री, ऊना में 15.8 डिग्री और राजधानी शिमला में 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड और कोहरे को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
