हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अगले शैक्षणिक सत्र से अब 10वीं के छात्रों की हर तीन महीने बाद इंटरनल परीक्षाएं ली जाएंगी, जिनके अंक सीधे बोर्ड परीक्षा परिणाम में जोड़े जाएंगे।

बोर्ड इस नई व्यवस्था के तहत तीन-तीन महीने का पाठ्यक्रम पहले ही स्कूलों को जारी करेगा। इसी तय सिलेबस के अनुसार प्रदेश के सभी बोर्ड मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाई कराई जाएगी। इससे न केवल पढ़ाई का स्तर एक समान रहेगा, बल्कि छात्रों को अंतिम परीक्षा का मानसिक दबाव भी कम होगा।

स्थानांतरण में नहीं होगी परेशानी

बोर्ड का कहना है कि यदि कोई छात्र बीच सत्र में किसी अन्य स्कूल में स्थानांतरित होता है, तो उसे पढ़ाई में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि पूरे प्रदेश में एक जैसा मासिक पाठ्यक्रम लागू रहेगा।

रिजल्ट में जुड़ेंगे इंटरनल परीक्षा के अंक

तीन-तीन महीने के अंतराल पर होने वाली इन त्रैमासिक परीक्षाओं के अंक बोर्ड के अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे। इससे छात्र इन परीक्षाओं को गंभीरता से लेंगे और पढ़ाई में निरंतर रुचि बनी रहेगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी

बोर्ड के अनुसार, इन परीक्षाओं में वस्तुनिष्ठ और व्यक्तिपरक दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, ताकि छात्र भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।

बोर्ड अध्यक्ष का बयान

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. राजेश शर्मा ने बताया कि यह योजना पहले 10वीं कक्षा के लिए लागू की जाएगी। इसके सफल होने पर भविष्य में इसे 12वीं कक्षा में भी लागू किया जाएगा।

यह निर्णय छात्रों की बेहतर समझ, तनावमुक्त परीक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

यूको बैंक कुठाड़ शाखा में धूमधाम से मना 84वां स्थापना दिवस
VSLM कॉलेज चंडी में दीक्षांत समारोह | भावना बनीं मिस फ्रेशर, मिस्टर फ्रेशर को मिला खिताब
error: Content is protected !!