हिमाचल प्रदेश में प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्रदेश सरकार ने घरेलू और कमर्शियल प्लॉट्स की रजिस्ट्रेशन फीस की नई दरें लागू कर दी हैं। यह फैसला रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के तहत लिया गया है।

नई अधिसूचना के अनुसार अब प्लाटेड विकास परियोजनाओं का पंजीकरण पहले से अधिक सख्त और पारदर्शी होगा। सरकार का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाना और खरीदारों को कानूनी सुरक्षा देना है।

घरेलू (आवासीय) प्लॉट की नई फीस

  • पहले: ₹10 प्रति वर्ग मीटर

  • अब ग्रामीण क्षेत्र: ₹30 प्रति वर्ग मीटर

  • अब शहरी क्षेत्र: ₹40 प्रति वर्ग मीटर

कमर्शियल (वाणिज्यिक) प्लॉट की नई फीस

  • पहले: ₹20 प्रति वर्ग मीटर

  • अब ग्रामीण क्षेत्र: ₹60 प्रति वर्ग मीटर

  • अब शहरी क्षेत्र: ₹80 प्रति वर्ग मीटर

संयुक्त (आवासीय + कमर्शियल) परियोजनाएं

  • ग्रामीण क्षेत्र: ₹45 प्रति वर्ग मीटर

  • शहरी क्षेत्र: ₹60 प्रति वर्ग मीटर

सरकार ने यह संशोधन रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा-84 के तहत किया है, जिसे हिमाचल प्रदेश भू-संपदा संशोधन नियम, 2025 नाम दिया गया है।

अब रेरा के अंतर्गत किसी भी परियोजना के पंजीकरण के समय प्रमोटर को ऑनलाइन माध्यम से संशोधित रजिस्ट्रेशन फीस जमा करना अनिवार्य होगा। इससे प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर और अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

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