देवभूमि हिमाचल इन दिनों कुदरत के सबसे सख्त तेवर झेल रही है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक पूरा प्रदेश मानो डीप फ्रीजर में तब्दील हो गया है। हालात ऐसे हैं कि अब सिर्फ लोग ही नहीं, बल्कि पानी की पाइपलाइनें भी जमने लगी हैं।
प्रदेश के सात जिलों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां पारा -11.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। किन्नौर, चंबा, शिमला, सोलन, मंडी और कुल्लू में सुबह-शाम की ठिठुरन ने जनजीवन ठप कर दिया है।
शिमला में पानी बना बड़ी चुनौती
राजधानी शिमला के जाखू, समिट्री और लक्कड़ बाजार जैसे क्षेत्रों में पाइपलाइनें पूरी तरह जम गईं। लोग सुबह नलों के सामने बेबस नजर आए। कई इलाकों में लोग रात भर नल हल्का खुला छोड़कर जुगाड़ से पानी बचाने को मजबूर हैं।
कोहरे से थमा ट्रैफिक
ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और हमीरपुर में घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। नेशनल हाईवे पर वाहन रेंगते दिखे। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
सूखी ठंड का डबल अटैक
हैरानी की बात यह है कि इतनी ठंड के बावजूद 14 जनवरी तक बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है, जिससे सूखी ठंड और ज्यादा खतरनाक होती जा रही है।
विशेषज्ञों ने लोगों को स्वास्थ्य और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि सुबह और रात का तापमान आने वाले दिनों में और गिर सकता है।
