
नौणी स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में सेब की फसल में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना पत्ता धब्बा रोग से निपटने की रणनीतियों पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में बागवानी उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए सहकारी समितियों का मज़बूत नेटवर्क विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता से बागवानों को बेहतर मूल्य के साथ-साथ विपणन अधोसंरचना का लाभ मिलेगा।
बागवानी मंत्री ने कहा कि सेब सहित अन्य फलों के रोग प्रबंधन में नौणी विश्वविद्यालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों को कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए डाटा आधारित शोध और वैज्ञानिक विश्लेषण को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार बागवानी को मिशन मोड में लागू कर रही है और वर्ष 2025 में मंडी मध्यस्थता योजना के तहत लगभग 120 करोड़ रुपये का सेब बागवानों से खरीदा गया है।
