उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला के समस्त बैंक लम्बित ऋण मामलों का निपटारा 31 मार्च तक पूर्ण करना सुनिश्चि बनाए। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला स्तरीय सलाहकार समिति की 182वीं त्रैमासिक बैठक तथा यूको ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की 55वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोज़गार मिशन के तहत दिसम्बर, 2025 तक विभिन्न बैंकों में पंजीकृत 1180 स्वयं सहायता समूहों को 1730 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध करवाया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि यूको बैंक ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षुओं के लिए आयु 18 से 45 वर्ष से बढ़ाकर 18 से 50 वर्ष कर दिया गया है। जिससे नगरिकों को नए कौशल प्राप्त करने व उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने के अधिक अवसर प्रदान होगें।
मनमोहन शर्मा ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री जन सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना व स्टैंड अप इंडिया योजना, डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ज़िला वासियों को अधिक से अधिक ऋण व जीवन बीमा के अंतर्गत कवर करने के निर्देश भी दिए।
मनमोहन शर्मा ने बैंक अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों को बैंकिंग तथा ऑनलाइन बैंकिंग के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न हो सके।
भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक राहुल जोशी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एम.एस.एम.ई.) के तहत मिलने बाले ऋण की सीमा को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया है जोकि अप्रैल माह से लागू हो जाएगी। उन्होंने बैंकों को समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की जानकारी दी तथा इनकी अनुपालना का आग्रह किया।
बैठक में ज़िला के अग्रणी बैंक यूको बैंक की अग्रणी जिला प्रबंधक तमन्ना मोदगिल द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सोलन ज़िला में 31 दिसम्बर, 2025 तक 5459 लाभार्थियों को 198.99 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई। इसमें शिशु श्रेणी के तहत 551 लाभार्थियों को लगभग 5 करोड़ 73 लाख रुपए, किशोर श्रेणी में 3260 व्यक्तियों को लगभग 66 करोड़ 73 लाख रुपए तथा तरूण श्रेणी के तहत 1590 लाभार्थियों को लगभग 110 करोड़ 29 लाख रुपए व तरुण प्लस के लगभग 58 लाभार्थियों को 07 करोड़ 03 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होने कहा कि इस वित्त वर्ष में 23 विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत 677 पात्र प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।इस अवसर पर उपायुक्त द्वारा यूको बैंक की ‘वार्षिक ऋण योजना 2026-27ञ व नाबार्ड की ‘संभाव्यतायुक्त ऋण योजना 2026-27ञ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर नाबार्ड के नाबार्ड के ज़िला विकास प्रबंधक अशोक चौहान, उप निदेशक कृषि डॉ. देव राज कश्यप, यूको आरसेटी की निदेशक मीनू बारियां सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व बैंक के प्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे।
