अरुष गुप्ता ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पेंशन और कर्मचारियों के देयों के भुगतान में लगातार हो रही देरी से सेवानिवृत्त कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की असंवेदनशीलता और विफलता का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने पहली ही कैबिनेट में बोर्ड एवं निगम कर्मचारियों की पेंशन जारी करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यह पूरा नहीं हुआ। इसे उन्होंने जनता के साथ सीधा विश्वासघात बताया।

अरुष गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार हर बार वित्तीय संकट का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारियों से बचती है, जबकि अपने खर्चों में कटौती नहीं करती। उनका कहना था कि सही प्राथमिकताएं तय की जातीं तो कर्मचारियों को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

उन्होंने यह भी कहा कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने बकाया के लिए दर-दर भटक रहे हैं और कुछ को मजबूरी में छोटे-मोटे काम करने पड़ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

इस दौरान उन्होंने धनी राम शांडिल से भी सवाल किया कि उन्होंने अपने क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए क्या कदम उठाए हैं। साथ ही सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को वादों को निभाने में विफल बताया।

भाजपा नेता ने सरकार से लंबित पेंशन और देयों का तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो भाजपा इस मुद्दे पर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।

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