सोलन जिले के ग्रामीण विकास को नई दिशा देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने नव सृजित ग्राम पंचायत धार बखूना का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास ही आत्मनिर्भर हिमाचल की मजबूत नींव है

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने लगभग 5 लाख रुपये की लागत से बने सामुदायिक भवन भाजू का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने सिंगर, लायन कोटला, बायला और सेर चिराग में बनने वाले नए सामुदायिक भवनों की आधारशिला रखी, जिन पर लाखों रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

डॉ. शांडिल ने नई पंचायत बनने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए बताया कि यह फैसला लोगों की मांग के अनुरूप लिया गया है, जिससे आसपास के गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता हर गांव तक स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बिजली, स्वच्छता और इंटरनेट जैसी सुविधाएं पहुंचाना है। उनका मानना है कि आत्मनिर्भर पंचायतें ही प्रदेश के स्थायी विकास का आधार बनती हैं।

वहीं, उन्होंने सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जौणाजी और मशीवर में पिछले तीन वर्षों में करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भी जिक्र किया। दुग्ध उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के लिए शिल्ली स्थित दुग्ध एकत्रिकरण केंद्र को आधुनिक बनाने की घोषणा भी की गई।

इस अवसर पर मंत्री ने महिलाओं से पंचायत चुनावों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की और ज्वाला माता मंदिर मशीवर के खेल मैदान के निर्माण के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को खास बना दिया।

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