हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के ममलीग क्षेत्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने बड़ा संदेश दिया—प्रदेश सरकार बेसहारा और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से 50 जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके लिए आय के नए अवसर पैदा करना है।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “सशक्त नारी ही मजबूत समाज की नींव होती है,” और इसी सोच के तहत सरकार कई योजनाएं चला रही है।
डॉ. शांडिल ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस सरकार की ऐतिहासिक पहल है। इसके अलावा पुलिस भर्ती में 30 प्रतिशत आरक्षण और लड़कियों की विवाह योग्य आयु को 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करना भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। मंत्री ने बताया कि हिमकेयर योजना में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। अब सरकारी अस्पतालों में क्लेम भुगतान वास्तविक उपचार लागत या निर्धारित पैकेज दरों में जो कम होगा, उसी आधार पर किया जाएगा—जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए। इस मौके पर कई गणमान्य लोग, अधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
