आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि सोमवार के दिन पड़ने से इसका धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है। सनातन धर्म में पूर्णिमा भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है, वहीं सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में आज का दिन पूजा, व्रत, स्नान, दान और जप-तप के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
पंचांग के अनुसार, आज ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तिथि 30 जून की सुबह 5:26 बजे तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज चंद्रमा धनु राशि में और सूर्य मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे। मूल नक्षत्र और विष्टि करण का भी विशेष संयोग बना हुआ है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान, भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा, सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण तथा दान-पुण्य करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जरूरतमंदों को अन्न, जल, वस्त्र, फल और शीतल पेय का दान करना विशेष शुभ माना गया है।
सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व है। श्रद्धालु शिवलिंग का जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक कर बेलपत्र अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से मानसिक तनाव, चंद्र दोष, वैवाहिक जीवन की बाधाएं तथा आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 30 जून सुबह 5:26 बजे
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:12 से 5:00 बजे
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:57 बजे
- अमृत काल: रात 8:57 से 10:45 बजे
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा भी अत्यंत शुभ मानी जाती है। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पीले पुष्प, तुलसी दल, पंचामृत और फल अर्पित करें। इसके बाद सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण या पाठ करें तथा खीर या सात्विक प्रसाद का भोग लगाएं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए स्नान, दान, जप और पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
