हिन्दू पंचांग के अनुसार आज 15 जुलाई 2026, बुधवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन विशेष महत्व रखता है। आज पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसे शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्रों में गिना जाता है। पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य तथा नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन लाभकारी माना जाता है।
आज का पंचांग (15 जुलाई 2026)
- मास: आषाढ़
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: प्रतिपदा (11:53:40 बजे तक)
- वार: बुधवार
- नक्षत्र: पुष्य (रात्रि 09:47:53 बजे तक)
- योग: हर्षण (08:04:35 बजे तक), तत्पश्चात वज्र योग
- करण: बव (11:53:40 बजे तक), बालव (10:21:00 बजे रात तक)
- विक्रम संवत: 2083
- प्रविष्टे/गत्ते: 31
तिथि का महत्व
आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से शुक्ल पक्ष का आरंभ माना जाता है। यह तिथि शुभ कार्यों, धार्मिक साधना, भगवान विष्णु एवं देवी-देवताओं की आराधना के लिए उत्तम मानी जाती है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है।
पुष्य नक्षत्र का विशेष महत्व
पुष्य नक्षत्र को वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना गया है। इस नक्षत्र में किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य, मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना का विशेष फल प्राप्त होता है। कई लोग इस दिन नए कार्यों की योजना बनाना भी शुभ मानते हैं।
आज का संदेश
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिन की शुरुआत ईश्वर स्मरण, पूजा-पाठ और सकारात्मक विचारों के साथ करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। श्रद्धा और सेवा भाव से किया गया प्रत्येक कार्य शुभ फल प्रदान करता है।
नोट: पंचांग के समय स्थान विशेष के अनुसार कुछ अंतर संभव है।
