केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत के लिए यह बजट विकास और फिस्कल अनुशासन के संतुलन की परीक्षा माना जा रहा है।

बाजार की नजर राजकोषीय घाटे पर टिकी है, जहां सरकार FY27 के लिए इसे 4.0–4.4% के दायरे में रखने का संकेत दे सकती है। साथ ही कर्ज़-GDP अनुपात घटाने की स्पष्ट रोडमैप की उम्मीद है।

इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेक्स में 10–15% तक बढ़ोतरी संभव है, जिससे यह 12 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है। इससे निजी निवेश और रोजगार सृजन को मजबूती मिलने की संभावना है।

कर राजस्व, GST संग्रह, उधारी और नाममात्र GDP अनुमान भी बजट के अहम संकेतक होंगे। रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, MSME, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, बजट 2026 में विकास का इंजन तेज़ रखते हुए घाटा नियंत्रण पर सख्ती जारी रह सकती है।

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