
Sukhvinder Singh Sukhu ने जिला ऊना के हरोली उपमंडल के पोलियां बीत में बहुप्रतीक्षित बल्क ड्रग पार्क परियोजना के तहत 250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले साइट विकास और आधारभूत ढांचे का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने पंजुआना में 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कामकाजी महिला छात्रावास की आधारशिला रखकर क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को “राष्ट्रीय महत्व की योजना” बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 6 से 8 महीनों में इसका कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह बल्क ड्रग पार्क न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के फार्मा सेक्टर को मजबूती देगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के निर्माण में भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी और विदेशों पर निर्भरता कम करेगी। देशभर में केवल तीन ऐसे पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें हरोली का चयन होना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा और हरोली आने वाले समय में एक आधुनिक औद्योगिक शहर के रूप में उभरेगा। केंद्र और राज्य सरकार इस परियोजना में समान रूप से 1000-1000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र की औद्योगिक पहचान वैश्विक स्तर पर स्थापित होगी। उन्होंने बताया कि 66 करोड़ की पेयजल योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और अन्य विकास कार्य तेजी से जारी हैं।
साथ ही, 3400 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रेलवे लाइन और 500 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार द्वारा शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे में किए जा रहे इन प्रयासों से हिमाचल प्रदेश विकास के नए आयाम छूने की ओर अग्रसर है। यह परियोजना न केवल आर्थिक मजबूती देगी, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए उज्जवल भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।
