हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक गलियारों में लंबे समय से पसरा सन्नाटा अब टूटने वाला है। पार्टी संगठन में चली आ रही सुस्ती को खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, हिमाचल कांग्रेस को अगले एक सप्ताह के भीतर नए जिलाध्यक्ष मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा देखने को मिलेगी।
खरगे की टेबल तक पहुंची फाइल, बस ऐलान बाकी
पार्टी से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति से संबंधित फाइनल रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दी है। इससे पहले इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के साथ हाईकमान स्तर पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है। नामों पर अंतिम सहमति बन चुकी है और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
जमीनी फीडबैक से तय हुए चेहरे
इस बार जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पहले से अलग रही। कांग्रेस हाईकमान ने संगठन सृजन अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षकों को जिलों में भेजा था। पर्यवेक्षकों ने स्थानीय कार्यकर्ताओं, नेताओं और संगठन की स्थिति का फीडबैक लिया। इसी जमीनी रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली में मंथन हुआ और नए जिलाध्यक्षों के नामों को अंतिम रूप दिया गया।
संगठन में बदलाव की शुरुआत
जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को संगठन में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। इनके ऐलान के तुरंत बाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के पुनर्गठन और फ्रंटल संगठनों में भी बड़े फेरबदल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस हाईकमान ने नवंबर 2024 में प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक की सभी कमेटियों को भंग कर दिया था। इसके बाद अब तक केवल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में विनय कुमार की नियुक्ति हुई है, जबकि बाकी संगठनात्मक ढांचा खाली पड़ा हुआ था। इस देरी को लेकर पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की थी।
अब उम्मीद की जा रही है कि नई नियुक्तियों के साथ हिमाचल कांग्रेस संगठन नए रंग-रूप में नजर आएगा और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी खुद को मजबूत कर पाएगी।
