स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य, वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर राज्य और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
डॉ. शांडिल ने यह बात सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हिन्नर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। इस मौके पर उन्होंने 1.53 करोड़ रुपये की लागत से डाहर से पौंडी पैदल पथ पुल और 1.25 करोड़ रुपये की लागत से डाहर से चकला तक 3 किमी सम्पर्क मार्ग का लोकार्पण किया। साथ ही, डाहर से रेहा काटल तक हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा की शुरुआत भी की।
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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने अब तक 10 में से 6 गारंटियों को पूरा कर लिया है। हिमाचल दूध खरीद पर समर्थन मूल्य देने वाला देश का पहला राज्य बना है। युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 680 करोड़ रुपये की ‘राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना’ शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में 185 चिकित्सक, 130 स्टाफ नर्स, 67 लैब तकनीशियन, 45 फार्मासिस्ट और 61 ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट नियुक्त किए गए हैं। जल्द ही 200 और चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी।
डॉ. शांडिल ने गौड़ा में गिरी नदी पर बने पेयजल भंडारण टैंक और पम्प हाउस का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को सोलन शहर के लिए एक और टैंक बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
