हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा एनजीओ भवन में महिला जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए आर्थिक स्वावलंबन सबसे अहम है। उन्होंने बताया कि पैतृक संपत्ति में बेटियों को अधिकार, पंचायतीराज संस्थाओं में महिला आरक्षण, मनरेगा और स्वयं सहायता समूहों जैसी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्राकृतिक खेती और दूध के बेहतर दाम तय किए जाने से ग्रामीण महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। वहीं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से अब तक 2 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने बताया कि आयोग ने महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिससे पीड़ित महिलाएं खुलकर आगे आ रही हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जागरूकता प्रस्तुतियां दी गईं और पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। साथ ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला की दसवीं और बारहवीं की टॉपर छात्राओं को सम्मानित किया गया।
