हिमाचल प्रदेश के उद्योग, संसदीय कार्य एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ हैं। वह सोमवार को एक प्रतिष्ठित हिन्दी दैनिक द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को भी गति देता है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य लघु उद्योगों को और अधिक प्रोत्साहन देना है। इसके लिए नई उद्योग नीति तैयार की जा रही है, जिसमें विभिन्न उद्योग संघों, खासकर एमएसएमई प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे ताकि नीति ज्यादा व्यावहारिक और उद्योग-हितैषी बन सके।
नई उद्योग नीति में क्या होगा खास
उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया कि नई नीति में लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई सुविधाएं और प्रोत्साहन शामिल किए जाएंगे। सरकार इस दिशा में नियमों को सरल बनाने की ओर भी कदम बढ़ा रही है। खासकर हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1972 के नियम 118 के सरलीकरण पर विचार किया जा रहा है, जिससे निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने में आसानी होगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में टाउनशिप योजना
हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में उद्योगपतियों और श्रमिकों की सुविधा के लिए आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इसके लिए भूमि चयन प्रक्रिया चल रही है और इन टाउनशिप को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
एमएसएमई प्रतिनिधियों की बैठक शिमला में
उन्होंने घोषणा की कि शीघ्र ही शिमला में एमएसएमई प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ठाकुर करेंगे। इस बैठक में उद्यमियों की समस्याओं को सुना जाएगा और उनके समाधान के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
केंद्र से सहायता में कटौती पर चिंता
उद्योग मंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को इस वित्त वर्ष में दी जाने वाली सहायता में कमी पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि राज्य को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये कम प्राप्त हुए हैं, जिससे विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार हिमाचल को आदर्श राज्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
उद्यमियों ने रखी अपनी बातें
कॉन्क्लेव में उपस्थित लघु उद्योग प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। प्रदेश लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अखिल मोहन अग्रवाल, उद्योग संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमराज चौधरी और बद्दी लघु उद्योग संघ के अशोक राणा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए।
संयुक्त निदेशक उद्योग अनिल ठाकुर, सहायक निदेशक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग भारत सरकार पार्थ अशोक, महाप्रबंधक उद्योग सोलन सुरेंद्र ठाकुर, उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, श्रम अधिकारी सोलन पृथ्वी सिंह वर्मा, श्रम विकास अधिकारी ललित शर्मा, सूक्ष्म, सहित विभिन्न उद्योगपति व अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
