देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से शुरू हुआ सेवा पखवाड़ा हिमाचल प्रदेश में जनसेवा के नए अध्याय लिख रहा है। प्रदेशभर में भाजपा संगठन और स्थानीय कार्यकर्ताओं की पहल से रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य जांच शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
रक्तदान शिविरों की शुरुआत
17 सितम्बर को प्रदेशभर में 1900 यूनिट रक्त का दान हुआ। यह अभियान यहीं नहीं रुका, बल्कि 25 सितम्बर तक अलग-अलग स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। यह कार्य न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देता है बल्कि प्रदेश के युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी प्रदान करता है।
स्वच्छता अभियान की धूम
18 सितम्बर को पूरे हिमाचल में 171 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती देती है और समाज को स्वच्छता की दिशा में प्रेरित करती है। ग्रामीण से शहरी इलाकों तक लोगों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया।
स्वास्थ्य शिविरों की शृंखला
18 से 25 सितम्बर तक प्रदेश में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। सिरमौर जिला की पंजाहर पंचायत में एक मल्टी स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुआ। भाजपा के सहयोग से और साई अस्पताल के डॉक्टरों की टीम के साथ हुए इस शिविर में 250 से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिन्दल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कहा कि सेवा पखवाड़ा सिर्फ औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि मानवता की सच्ची सेवा का प्रतीक है।
प्राकृतिक आपदा और मोदी सरकार का सहयोग
डॉ. बिन्दल ने अपने संबोधन में बताया कि 2023, 2024 और 2025 में भारी वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं से हिमाचल को गहरा नुकसान हुआ। ऐसे कठिन समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमेशा प्रदेश के साथ खड़े रहे।
आपदा राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए मोदी सरकार ने अब तक हिमाचल को 5300 करोड़ रुपये की मदद दी। हाल ही में प्रधानमंत्री धर्मशाला पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख-दर्द साझा किया। इस दौरान 1500 करोड़ रुपये अतिरिक्त राहत राशि भी उपलब्ध कराई गई। इस प्रकार कुल 6800 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख मकानों की स्वीकृति हिमाचल को मिली है।
कांग्रेस सरकार को चेतावनी
डॉ. बिन्दल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार से अपेक्षा जताई कि केंद्र द्वारा दी गई राहत राशि का पारदर्शी उपयोग किया जाए और प्रभावित परिवारों तक मदद शीघ्र पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि भाई-भतीजावाद और धन के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उनके अनुसार, पिछले तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने अपनी ओर से केवल 300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो आपदा की स्थिति में बेहद कम है। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश सरकार अपनी ओर से भी राहत व विकास कार्यों में सक्रिय योगदान दे।
