हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और लोक परंपराओं को संजोए रखने वाला हिमाचल उत्सव हर साल नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस वर्ष अपने 21वें संस्करण में प्रवेश कर चुका यह उत्सव न सिर्फ राज्य की सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक मूल्यों को भी नई पहचान दे रहा है।
मातृ शक्ति को दी गई विशेष श्रद्धांजलि
उत्सव की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह मां की महिमा और मातृ शक्ति को समर्पित रही। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल उत्सव के संस्थापक अध्यक्ष पंकज सूद की माता श्रीमती संतोष सूद, संस्थापक उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ‘मिकी’ की माता श्रीमती कमला शर्मा और संस्थापक महासचिव कीर्ति कौशल की माता श्रीमती स्नेह लता कौशल मौजूद रहीं। इनके सम्मान ने संध्या को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
विशेष अतिथि के रूप में श्रीमती वीना अग्रवाल ने शिरकत की। वहीं जोगिंद्रा बैंक मुख्यालय के एजीएम सहित कई अधिकारी भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
गीत-संगीत से बंधा समां
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण पंजाबी गायक सुमित सुमित की प्रस्तुतियां रहीं। उनके गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हिमाचली गायक कुमार साहिल ने अपने लोकगीतों से माहौल को और भी रंगीन बना दिया।
इसके अलावा सिरमौर के गायक नरेंद्र नीटू, सुदर्शन दीवाना, संजीव पाराशर, बिलासपुर की पूनम और युवा गायक ऋषभ सल्होत्रा ने मंच पर शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। गीत-संगीत और थिरकते कदमों के बीच हजारों की भीड़ उत्साह से झूम उठी।
आयोजन समिति का गर्मजोशी भरा स्वागत
डायनामिक युवा मंडल के संस्थापक अध्यक्ष पंकज सूद, उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ‘मिकी’ और महासचिव कीर्ति कौशल ने अपने सहयोगियों अंकुश सूद, रिपुदमन सिंह, मनोज ठाकुर और संजीव वर्मा के साथ सभी मेहमानों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
20 वर्षों से लगातार जारी परंपरा
हजारों लोगों की मौजूदगी और गूंजते गीत-संगीत के बीच यह पांचवीं संध्या उत्सव की गरिमा को और ऊंचा कर गई। गौरतलब है कि हिमाचल उत्सव प्रदेश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी मेला माना जाता है, जो पिछले 20 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है। इस बार का आयोजन इसका 21वां संस्करण है, जिसने एक बार फिर साबित किया कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि सांस्कृतिक आंदोलन बन चुका है।
