बुधवार को हिमाचल उत्सव की चौथी सांस्कृतिक संध्या में देशभक्ति की उमंग और हिमाचली संस्कृति की छटा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह शाम हर वर्ग के लिए खास रही, जिसमें संगीत, नृत्य और परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिला।

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा मौजूद रहे। उनके साथ डॉ. मोनिका चौहान, डॉ. विनोद चौहान, डॉ. मुकुल और कांग्रेस नेता शिव कुमार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत डायनामिक युवा मंडल के पदाधिकारियों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर किया।

गायक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम की शुरुआत गायक सौरभ अत्रि के मधुर सुरों से हुई। इसके बाद बिलासपुर के राजेश बबलू, कांगड़ा के मोहित गर्ग, शिमला के नितिन कौशल और पहाड़ी गायक सीआर मेहता ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को रंगीन बना दिया।

संध्या का सबसे बड़ा आकर्षण रहे लोकप्रिय पहाड़ी गायक प्रदीप शर्मा। उनकी नाटियों ने युवाओं को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रदीप शर्मा की नई एल्बम का विमोचन भी इसी अवसर पर उपायुक्त सोलन के कर कमलों से किया गया।

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स्कूली बच्चों की देशभक्ति प्रतियोगिता

चौथे दिन का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों की देशभक्ति पर आधारित नृत्य प्रतियोगिता रही। इस प्रतियोगिता में सोलन के सात स्कूलों ने हिस्सा लिया। निर्णायक के रूप में कुमारी सुनीता शर्मा और मंजू भारद्वाज मौजूद रहीं। बच्चों के देशप्रेम से सराबोर नृत्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया और खूब तालियां बटोरीं।

हिमाचल आइडल गायन प्रतियोगिता फाइनल

इसी दौरान हिमाचल आइडल गायन प्रतियोगिता का फाइनल भी संपन्न हुआ। निर्णायक के रूप में लोकप्रिय गायक सोनू भारद्वाज ने प्रतिभाओं को परखा। प्रतिभागियों की स्वर लहरियों ने श्रोताओं को हिमाचल की लोकधुनों और आधुनिक संगीत की झलक एक साथ दिखाई।

आयोजकों का सराहनीय प्रयास

डायनामिक युवा मंडल के संस्थापक अध्यक्ष पंकज सूद, संस्थापक उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा ‘मिकी’, और महासचिव कीर्ति कौशल ने सदस्यों अंकुश सूद, रिपुदमन सिंह, मनोज ठाकुर और संजीव वर्मा के साथ सभी मेहमानों का स्वागत किया। उनके प्रयासों से यह आयोजन हर वर्ष युवाओं और कलाकारों के लिए मंच का काम करता है।

उत्सव की खासियत

चौथी सांस्कृतिक संध्या में एक ओर जहां लोकगायन ने परंपरा की झलक दी, वहीं स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने नई पीढ़ी में देशभक्ति का जोश जगाया। स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ प्रसिद्ध गायकों की भागीदारी ने इसे और खास बना दिया।

सोलन की धरती पर आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या दर्शकों के लिए अविस्मरणीय रही। हर गीत और नृत्य ने हिमाचली संस्कृति और देशप्रेम का अनूठा संगम पेश किया।

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