हिमाचल में कुदरत का डबल असर: पहाड़ों पर बर्फ की चादर, मैदानी इलाकों में कोहरे का कहर

हिमाचल प्रदेश की वादियां एक बार फिर कुदरत के बदलते मिजाज की गवाह बन रही हैं। जहां ऊंची चोटियों पर गिरती सफेद बर्फ पर्यटकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रही है, वहीं निचले इलाकों में घना कोहरा और हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने जनजीवन की रफ्तार थाम ली है।
तोष गांव में बर्फबारी से सैलानी गदगद
कुल्लू जिले की प्रसिद्ध मणिकर्ण घाटी के तोष गांव में रविवार शाम अचानक हुई बर्फबारी ने माहौल को जादुई बना दिया। आसमान से गिरते बर्फ के फाहों ने घाटी के सौंदर्य में चार चांद लगा दिए। अचानक बदले मौसम से सैलानियों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया, वहीं पर्यटन कारोबार में भी नई उम्मीदें जगी हैं।
मैदानी इलाकों में कोहरे की मार
एक ओर पहाड़ों पर बर्फ गिर रही है, तो दूसरी ओर मैदानी इलाकों में घना कोहरा (Fog) परेशानी का कारण बना हुआ है।
सुंदरनगर रविवार को सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां दृश्यता काफी कम हो गई। मंडी और पांवटा साहिब में भी कोहरे का असर दिखा, जबकि बिलासपुर और ऊना में हल्की धुंध छाई रही।
माइनस में पहुंचा पारा
प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान जमाव बिंदु से नीचे चला गया है।
कुकुमसेरी, ताबो, कल्पा और रिकांगपिओ में तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। वहीं नाहन, ऊना और सुंदरनगर में न्यूनतम तापमान करीब 5.5 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
राज्य के करीब 16 क्षेत्रों में रात का तापमान 5 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया है।
कांगड़ा में ‘कोल्ड डे’ जैसे हालात
कांगड़ा जिले में बर्फीली हवाओं के चलते दिन में भी ठिठुरन बनी रही। हालात ऐसे रहे कि लोग धूप निकलने के बावजूद ठंड से बचाव करते नजर आए।मौसम विभाग के शिमला केंद्र के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते अगले 48 घंटे मौसम के तेवर तल्ख बने रहेंगे।
5 और 6 जनवरी:
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की वर्षा और छिटपुट हिमपात के आसार।
8 जनवरी तक:
हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में देर रात से सुबह तक घने कोहरे की संभावना जताई गई है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
हालांकि सप्ताह के बाकी दिनों में धूप खिलने की उम्मीद है, लेकिन सुबह और शाम की ठंड से फिलहाल राहत नहीं मिलेगी।
