रात के सन्नाटे में जब कोई कुत्ता जोर-जोर से भौंकता या रोता है, तो यह अक्सर लोगों को बेचैन कर देता है। कई बार यह डर भी पैदा करता है कि कहीं कुछ अनहोनी तो नहीं होने वाली। भारतीय परंपराओं और शकुन शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है।

शकुन शास्त्र के अनुसार यदि कुत्ता रात में अचानक से रोने लगे, तो यह किसी संभावित संकट, दुर्घटना या अप्रिय समाचार का पूर्व संकेत हो सकता है। मान्यता है कि कुत्तों को अदृश्य शक्तियों या नकारात्मक ऊर्जा का आभास आम इंसानों से पहले होता है, और वे उसी के प्रभाव में आकर रोते या चिल्लाते हैं।

कई लोगों का मानना है कि कुत्ते उन स्थानों पर ज़्यादा भौंकते हैं जहाँ नकारात्मक ऊर्जा होती है। यह भी कहा जाता है कि यदि कुत्ता घर के दरवाज़े पर बैठकर रोता है, तो यह आर्थिक हानि या बीमारी का सूचक हो सकता है। ऐसी स्थिति में शांति पाठ या सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाले उपाय करने की सलाह दी जाती है।

विज्ञान इस घटना को एक अलग नजरिए से देखता है। कुत्ते बहुत संवेदनशील जीव होते हैं। अगर वे रात में रो रहे हैं, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • अकेलापन या साथी की तलाश

  • शारीरिक दर्द या तकलीफ

  • किसी अन्य जानवर या अजनबी की उपस्थिति का आभास

  • डर या असहजता की भावना

अगर आपके घर में पालतू कुत्ता है और वह अचानक खाना बंद कर दे, उदास रहने लगे या आंखों से आंसू आएं, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह संकेत हो सकता है कि वह अस्वस्थ है या मानसिक तनाव में है। ऐसे समय पर उसे तुरंत पशु चिकित्सक को दिखाएं।

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