
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने आज नालागढ़ में न्यायिक अधिकारियों के लिए नवनिर्मित आवासीय परिसर का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक परिसर न्याय व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से निर्मित किया गया है, जिस पर कुल 03 करोड़ रुपये की लागत आई है।
इस विशेष अवसर पर मुख्य न्यायाधीश संधावालिया ने नवनिर्मित आवासीय परिसर का निरीक्षण भी किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने इसे न्यायिक अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा बताया जो कार्य कुशलता को और बढ़ावा देगा।
इसके पश्चात, मुख्य न्यायाधीश ने नालागढ़ स्थित न्यायिक परिसर में स्थापित ई-सेवा केंद्र का भी शुभारंभ किया। ई-सेवा केंद्र में अत्याधुनिक डिजिटल न्यायिक प्रौद्योगिकी का समावेश किया गया है, जिससे वादियों को सुविधाजनक न्यायिक सेवाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्याय की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की जाए।
इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, प्रदेश उच्च न्यायालय के महापंजीयक भूपेश शर्मा, ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश सोलन डॉ. अरविंद मल्होत्रा, अतिरिक्त ज़िला सत्र न्यायाधीश पंकज गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी अजय ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान, उपमंडलाधिकारी राजकुमार, बार एसोसिएशन नालागढ़ के अध्यक्ष मनीष डडवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बार एसोसिएशन के सदस्यों ने स्वागत किया और न्यायपालिका द्वारा किए जा रहे डिजिटलीकरण प्रयासों की सराहना की।
मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि न्यायपालिका में तकनीकी सुधार आम जनता तक त्वरित और न्यायसंगत सेवा पहुँचाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
