आयुष विभाग सोलन द्वारा पोषण माह पखवाड़े के अंतर्गत जिला भर में जागरूकता और स्वास्थ्य से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस बारे में जानकारी जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. निशा वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य लोगों को पौष्टिक आहार, स्वस्थ जीवनशैली और आयुर्वेदिक दिनचर्या के महत्व के प्रति जागरूक करना है।

डॉ. निशा वर्मा ने कहा कि जिले के विभिन्न आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और पोषण वार्ता का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में चिकित्सक और विशेषज्ञ लोगों को आहार की महत्ता और उससे जुड़े स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

उन्होंने आगे बताया कि केवल स्वास्थ्य केंद्र ही नहीं, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं, गर्भवती माताओं और परिवारों को संतुलित आहार और जीवनशैली से होने वाले लाभों के बारे में समझाया जा सके।आयुष विभाग का मानना है कि स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला होती है।

इसी सोच के तहत पोषण पखवाड़े में महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्हें हरी सब्जियों, दालों, दूध, अनाज और मौसमी फलों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। साथ ही, महिलाओं को आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने और दैनिक दिनचर्या में योग व प्राणायाम शामिल करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

डॉ. निशा वर्मा ने बताया कि इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य समाज को बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि पौष्टिक आहार, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति और संतुलित जीवनशैली अपनाकर लोग कई बीमारियों से बच सकते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने परिवार की थाली में पोषक तत्वों से भरपूर भोजन अवश्य शामिल करें।

आयुष विभाग का यह अभियान केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक कदम है। विभाग का मानना है कि जब हर परिवार स्वस्थ और जागरूक होगा तो समाज भी मजबूत बनेगा।

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