ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन द्वारा मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए सड़कों पर रहने वाले और भीख मांगने वाले बच्चों के लिए एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। यह अभियान न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता का भी संदेश देता है।

इस अभियान की जानकारी देते हुए अकांक्षा डोगरा ने बताया कि यह विशेष अभियान शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर चलाया गया। इनमें मशरूम चौक, चिल्ड्रन पार्क, पुराना बस अड्डा, शूलिनी माता मंदिर और चौक बाजार सोलन शामिल हैं। इन स्थानों पर अक्सर सड़कों पर रहने वाले या भीख मांगने वाले बच्चों की उपस्थिति देखी जाती है।

अभियान के दौरान अधिकारियों और टीम ने सक्रिय रूप से कार्य करते हुए कुल 03 बच्चों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। यह कार्य अत्यंत संवेदनशीलता और सावधानी के साथ किया गया ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रेस्क्यू किए गए बच्चों में से एक बच्चे को शिमला भेजा गया, जबकि अन्य दो बच्चों को कथेड़ स्थित शेल्टर होम में सुरक्षित स्थान प्रदान किया गया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उनके भविष्य को बेहतर बनाना है। शेल्टर होम में बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और आवश्यक देखभाल दी जाएगी, जिससे वे एक उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

इस अभियान को सफल बनाने में कई विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसमें जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से कार्य किया। सभी विभागों के समन्वय से यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया गया और बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचाई गई।

अकांक्षा डोगरा ने आगे कहा कि इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाएंगे। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि यदि कहीं भी ऐसे बच्चे दिखाई दें जो सड़कों पर रह रहे हों या भीख मांगने को मजबूर हों, तो इसकी सूचना संबंधित विभागों को दें, ताकि समय रहते उनकी सहायता की जा सके।

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