हिमाचल प्रदेश सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में विद्या नेगी को हिमाचल महिला आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1996 की धारा 3(1) और नियम 4(1) के अंतर्गत की गई है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से शुरू होकर तीन वर्षों तक रहेगा।

विद्या नेगी कुल्लू जिले की मनाली तहसील के शनाग गांव की रहने वाली हैं। उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है और उन्होंने कांग्रेस पार्टी में विभिन्न अग्रिम संगठनों में करीब 30 वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाई है। वे जिला महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष, अध्यक्ष, स्टेट सोशल मीडिया को-ऑर्डिनेटर और राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की नैशनल को-ऑर्डिनेटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब महिला आयोग पिछले 30 महीनों से बिना अध्यक्ष के कार्य कर रहा था, जिससे 1500 से अधिक शिकायतें लंबित पड़ी थीं। ये शिकायतें मुख्यतः घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और महिला अधिकारों से जुड़ी थीं। शिकायतों की सुनवाई न होने से कई पीड़ित महिलाएं न्याय की प्रतीक्षा में थीं।

महिला आयोग की अध्यक्ष को राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर मौके पर अदालतें लगाने और शिकायतों की प्रत्यक्ष सुनवाई करने का अधिकार होता है। इससे दूरदराज की महिलाओं को शिमला आने की आवश्यकता नहीं पड़ती। अब विद्या नेगी की नियुक्ति से इन लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की उम्मीद बढ़ गई है।

महिला आयोग द्वारा प्राप्त कई शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल्स के माध्यम से, तो कई महिलाएं स्वयं कार्यालय पहुंचकर दर्ज कराती हैं। आयोग का कार्य सिर्फ सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि कई मामलों में संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन को निर्देशित भी किया जाता है।

विद्या नेगी का संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक सक्रियता महिला आयोग के कार्य को नई गति दे सकता है। उनकी नियुक्ति से राज्य की महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया और तेज होने की संभावना है।

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