राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर सोलन जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने जानकारी दी कि जिले भर की ग्राम पंचायतों में 20 से 26 सितम्बर 2025 तक विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य प्रारूप मतदाता सूचियों का अवलोकन करना और उनमें मौजूद त्रुटियों को पहचानकर समय पर सुधार करना है।
त्रुटियों के समय पर संशोधन का अवसर
उपायुक्त ने कहा कि विशेष ग्राम सभाएं आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगी। ग्रामीण नागरिक अपनी पंचायत स्तर पर मतदाता सूची देख सकेंगे और यदि नाम, पते या अन्य विवरण में कोई गलती है तो तत्काल सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी।
पंचायत स्तर पर बैठकें
मनमोहन शर्मा ने बताया कि ये बैठकें हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 5 के तहत आयोजित की जा रही हैं। इसका मकसद है कि हर मतदाता को मौका मिले कि वह अपने नाम और विवरण की जांच कर सके। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए सहायक आयुक्त (विकास), खण्ड विकास अधिकारी धर्मपुर, सोलन, कण्डाघाट, पट्टा, नालागढ़ और कुनिहार को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी जरूरी
जिला प्रशासन ने सभी पंचायतों से आह्वान किया है कि ग्रामीण इन बैठकों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। अक्सर देखा जाता है कि नाम जुड़ने या हटने की गलतियों के कारण मतदाता सूची अधूरी रह जाती है। इस पहल से ऐसे सभी मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो जाएगा।
लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल
प्रशासन का मानना है कि पारदर्शी मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव को मजबूत करती है। यदि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में दर्ज होगा और अपात्र नाम हटा दिए जाएंगे, तो मतदान प्रक्रिया और भी विश्वसनीय होगी।
सोलन जिला प्रशासन का संदेश
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि 20 से 26 सितम्बर के बीच आयोजित विशेष ग्राम सभाएं मतदाता सूचियों की जांच का सुनहरा अवसर हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें ताकि आगामी चुनाव पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सकें
