Microsoft ने साफ कर दिया है कि 14 अक्टूबर 2025 के बाद Windows 10 के लिए फ्री सिक्योरिटी अपडेट्स बंद हो जाएंगे। यह फैसला सीधे तौर पर दुनिया भर में करोड़ों यूजर्स को प्रभावित करेगा। चौंकाने वाली बात यह है कि अगस्त 2025 तक भी लगभग 46.2% कंप्यूटर Windows 10 पर चल रहे थे। ऐसे में इस कदम से डिजिटल सिक्योरिटी और साइबर अटैक्स का खतरा काफी बढ़ सकता है।

Consumer Reports की आपत्ति

अमेरिका की Consumer Reports संस्था ने Microsoft के CEO सत्य नडेला को चिट्ठी लिखकर अपील की है कि कंपनी अपने फैसले पर दोबारा विचार करे। संगठन का कहना है कि लाखों ऐसे डिवाइस मौजूद हैं जिन्हें Windows 11 में अपग्रेड करना तकनीकी रूप से संभव ही नहीं है। वजह है Windows 11 की सख्त हार्डवेयर रिक्वायरमेंट्स। पुराने लेकिन पूरी तरह काम करने वाले कंप्यूटर इस वजह से नए वर्ज़न पर नहीं जा सकते।

Consumer Reports का आरोप है कि Microsoft एक तरफ सुरक्षा का हवाला देता है, दूसरी तरफ Windows 10 मशीनों से फ्री अपडेट छीनकर उन्हें असुरक्षित बना देता है। रिपोर्ट में यह भी सवाल उठाया गया कि कंपनी सुरक्षा बनाए रखने के लिए सालाना $30 की पेड एक्सटेंशन फीस क्यों मांग रही है।

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PIRG की चिंता

इस विवाद में Public Interest Research Group (PIRG) भी शामिल हो गया है। संगठन का कहना है कि Windows 10 सपोर्ट खत्म होने से करीब 400 मिलियन कंप्यूटर बेकार हो जाएंगे, जबकि वे पूरी तरह काम करने लायक हैं। इसका नतीजा न सिर्फ यूजर्स को आर्थिक नुकसान के रूप में झेलना पड़ेगा, बल्कि भारी मात्रा में ई-वेस्ट भी पैदा होगा, जो पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है।

Microsoft का पक्ष

Microsoft का कहना है कि Windows 11 में अपग्रेड होना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। कंपनी का तर्क है कि नए वर्ज़न में आधुनिक हार्डवेयर और उन्नत सिक्योरिटी फीचर्स उपलब्ध हैं। हालांकि Consumer Reports और PIRG का कहना है कि हर यूजर के लिए नया पीसी खरीदना संभव नहीं है। खासकर वे लोग मुश्किल में हैं जो पुराने लेकिन फंक्शनल डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपग्रेड की लागत नहीं उठा सकते।

आगे क्या?

दोनों संस्थाएं मांग कर रही हैं कि Microsoft कम से कम तब तक Windows 10 के लिए फ्री सिक्योरिटी अपडेट्स जारी रखे, जब तक अधिकांश यूजर्स सुरक्षित रूप से अपग्रेड न कर लें। अभी तक Microsoft ने इस विवाद पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अब सबकी नजरें 14 अक्टूबर 2025 की डेडलाइन पर हैं। उस दिन यह तय हो जाएगा कि Windows 10 यूजर्स को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा या कंपनी अपने फैसले पर दोबारा विचार करेगी।

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