राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी को निर्देश दिए हैं कि सेब के लीफ स्पॉट रोग समाधान हेतु बागवानी विभाग के साथ मिलकर वैज्ञानिक कार्यवाही करें।

उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेश्वर चंदेल से मुलाकात कर इस विषय पर गंभीरता से चर्चा की। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सेब राज्य की आर्थिकी का प्रमुख आधार है और बागवानों की समस्याओं का त्वरित समाधान आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि मौसम अनुकूल नई किस्मों का विकास तथा रोग प्रतिरोधक सेब की खोज आज की आवश्यकता है।

इस बैठक में उन्होंने विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में वैज्ञानिकों की टीमें भेजी जाएं ताकि बागवानों को तुरंत सलाह और समाधान मिल सके। यह कदम सेब उत्पादन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए निर्णायक होगा।

कुलपति डॉ. चंदेल ने अवगत करवाया कि विश्वविद्यालय विश्व बैंक पोषित परियोजना के अंतर्गत एक बड़ी योजना पर कार्य कर रहा है। इस योजना में 2.80 करोड़ रुपये की राशि से इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा।

शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों की जानकारी भी ली और आने वाले समय में आरंभ किए जाने वाले नए पाठ्यक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने बागवानी में नवाचार, शोध और आधुनिक तकनीकों को छात्रों तक पहुंचाने पर बल दिया।

इस अवसर पर एन.एस.यू.आई. के छात्रों ने भी मंत्री से मुलाकात की और अपनी मांगों को रखा। मंत्री ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा।

नौणी विश्वविद्यालय का यह प्रयास सेब बागवानी में आ रहे संकट से राहत देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह पहल न केवल हिमाचल के बागवानों को लाभ देगी, बल्कि राज्य की आर्थिकी को भी मजबूती प्रदान करेगी।

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