मोबाइल फोन और LED स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल आंखों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। अमेरिका की बकनेल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के मुताबिक, ब्लू लाइट न केवल आंखों की रोशनी को कमजोर करती है बल्कि रेटिना के न्यूरॉन्स पर भी असर डालती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल स्क्रीन, LED लाइट्स, बिलबोर्ड्स और गाड़ियों की हेडलाइट्स आंखों पर सीधा दबाव डालती हैं। इनकी तेज रोशनी से रेटिना ओवरलोड हो जाता है, जिससे अचानक आंखों के सामने अंधेरा छाने लगता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति में रहने से कैटरेक्ट, मैक्युलर डिजेनरेशन और फोटो-कैरेटाइटिस जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

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आंखों में सूखापन क्यों होता है?
आजकल एयर कंडीशन में रहना, मोबाइल पर ज्यादा समय बिताना और लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करना आंखों के सूखेपन (Dry Eye Syndrome) का कारण बन रहा है। इसके चलते आंखें लाल हो जाती हैं, खुजली और जलन होती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

आंखों की सेहत के लिए उपाय:
सुबह-शाम 30 मिनट अनुलोम-विलोम और 7 बार भ्रामरी प्राणायाम करें।
दिन में दो बार खाने के बाद दूध के साथ महात्रिफला घृत का सेवन करें।
आंखों की रोशनी तेज करने के लिए एलोवेरा और आंवला जूस पीएं।
रातभर भीगे हुए किशमिश, अंजीर और बादाम का सेवन करें।
चश्मा हटाने के लिए बादाम, सौंफ और मिश्री का पाउडर दूध के साथ लें।
आंखों को आराम देने के लिए खीरे या आलू के टुकड़े पलकों पर रखें।

घरेलू नुस्खा:
एक चम्मच सफेद प्याज का रस, नींबू और अदरक का रस, तीन चम्मच शहद और गुलाब जल को आंवले के रस में मिलाकर तैयार मिश्रण की दो-दो बूंदें आंखों में डालना लाभकारी माना जाता है।

Disclaimer

इस आर्टिकल में बताए गए सभी उपाय केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी घरेलू नुस्खे या आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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