आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में एंग्जायटी यानी चिंता एक आम समस्या बन चुकी है। तनाव, काम का दबाव, रिश्तों की उलझनें और भविष्य की असुरक्षा जैसी कई चीजें मन को बेचैन कर देती हैं। साइकोलॉजिस्ट, ह्यूमन राइट्स एडवोकेट और वुमन राइट्स एक्टिविस्ट डॉ मालिनी सबा बताती हैं कि चिंता को कम करने के लिए कुछ आसान और असरदार उपाय बेहद कारगर हैं।
1️⃣ गहरी साँसें लें
डॉ सबा कहती हैं कि जब हम चिंतित होते हैं, तो हमारी साँसें तेज़ और उथली हो जाती हैं। ऐसे में गहरी और धीमी साँसें लेना शरीर को तुरंत शांत करता है। अगर आप किसी मीटिंग या पब्लिक स्पीच से पहले घबराहट महसूस कर रहे हैं, तो बस पाँच मिनट तक डीप ब्रीदिंग करें। यह तरीका दिमाग को रिलैक्स करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।
2️⃣ हल्की फुलकी एक्सरसाइज़ करें
थोड़ी बहुत शारीरिक गतिविधि एंग्जायटी को कम करने का सरल तरीका है। डॉ सबा बताती हैं कि इसके लिए जिम जाना ज़रूरी नहीं है। सुबह या शाम 15-20 मिनट टहलना, हल्की स्ट्रेचिंग करना या सीढ़ियाँ चढ़ना भी मूड को बेहतर करता है।
नियमित एक्सरसाइज़ न केवल तनाव घटाती है बल्कि नींद की गुणवत्ता भी सुधारती है।
3️⃣ अपने विचार लिखें
कभी-कभी सबसे बड़ी चिंता हमारे दिमाग में ही रहती है। डॉ सबा के अनुसार, अपनी चिंताओं को डायरी में लिखना बहुत मददगार साबित होता है। जब आप अपनी उलझनों को कागज़ पर उतारते हैं, तो दिमाग हल्का महसूस करता है और समाधान पर ध्यान केंद्रित करना आसान हो जाता है।
4️⃣ पूरी नींद लें
अच्छी नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी है। डॉ सबा कहती हैं कि देर रात तक फोन या सोशल मीडिया स्क्रॉल करना नींद की गुणवत्ता को बिगाड़ देता है, जिससे दिनभर बेचैनी बनी रहती है। कोशिश करें कि रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद पूरी हो। इससे मन और शरीर दोनों रीसेट हो जाते हैं।
5️⃣ सोशल मीडिया ब्रेक लें
हम अक्सर दूसरों की सफलता और जीवनशैली देखकर खुद को कमतर महसूस करते हैं। ऐसे में कुछ घंटे का सोशल मीडिया ब्रेक लेना बहुत ज़रूरी है। डॉ सबा सलाह देती हैं कि रोज़ाना 1-2 घंटे फोन या सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। इससे मन को शांति मिलती है और चिंता घटती है।
6️⃣ काम के बीच छोटा ब्रेक लें
लंबे समय तक लगातार काम करना भी तनाव बढ़ाता है। डॉ सबा कहती हैं, हर घंटे पाँच मिनट का ब्रेक लें — खिड़की से बाहर देखें, पानी पिएँ या हल्का स्ट्रेच करें। यह न केवल दिमाग को ताज़गी देता है बल्कि एंग्जायटी को कम करने में मदद करता है।
