हिमाचल प्रदेश के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में 1000 रोगी मित्र नियुक्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों को होने वाली परेशानियों को कम करना और उन्हें बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें से 500 रोगी मित्र मेडिकल कॉलेजों में तैनात किए जाएंगे, जबकि शेष 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देंगे। रोगी मित्र अस्पताल आने वाले मरीजों को पंजीकरण, जांच कक्ष, दवाइयों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सहायता करेंगे।
सरकार इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। सबसे पहले हमीरपुर जिले से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी। प्रथम चरण में रोगी मित्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किया जाएगा।
बुजुर्ग मरीजों को विशेष राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने चमियाणा अस्पताल, टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला में पायलट आधार पर 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की सहायता के लिए विशेष रोगी मित्र तैनात करने के निर्देश दिए हैं। इन संस्थानों में रोगी मित्र काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
