हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था को तेज और सरल बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शनिवार को आयोजित इस विशेष लोक अदालत में विभिन्न पक्षों की आपसी सहमति से कुल 3080 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव प्रशांत सिंह नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि इन मामलों में कुल 3 करोड़ 98 लाख 78 हजार 301 रुपये की समझौता राशि तय की गई। लोक अदालत का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष शरद कुमार लगवाल की अध्यक्षता में किया गया।
यह राष्ट्रीय लोक अदालत केवल सोलन मुख्यालय तक सीमित नहीं रही, बल्कि नालागढ़, कसौली, अर्की और कंडाघाट न्यायालयों में भी इसका आयोजन किया गया। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कुल 15 लोक अदालत बैंच गठित की गई थीं।
प्रशांत सिंह नेगी ने बताया कि सुनवाई के लिए कुल 5691 मामलों को विभिन्न बैंचों के समक्ष रखा गया था। इनमें से 3080 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर समाधान किया गया, जिससे लोगों को लंबे समय तक अदालतों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
लोक अदालत में वाहन चालान से जुड़े मामलों की संख्या भी काफी अधिक रही। विभिन्न बैंचों के सामने कुल 4955 वाहन चालान मामले प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 2665 मामलों का मौके पर निपटारा कर दिया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लोगों को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय मिलने से आम जनता में भी संतोष देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में अहम भूमिका निभा रही है।
