शहरी एवं पंचायती राज निकाय चुनाव-2026 को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने सभी उम्मीदवारों से आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित चुनाव स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है और इसमें उम्मीदवारों की भूमिका सबसे अहम होती है।
मनमोहन शर्मा ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार के दौरान पोस्टर, बैनर, झंडे, सूचना पत्र, होर्डिंग और सोशल मीडिया सामग्री का उपयोग निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाए। बिना अनुमति किसी भी निजी या सार्वजनिक संपत्ति पर पोस्टर चिपकाने, नारे लिखने या झंडे लगाने पर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों पर हिमाचल प्रदेश खुले स्थान (विदरूपिता निवारण) अधिनियम 1985 के तहत कानूनी कार्रवाई संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार में प्लास्टिक से बनी सामग्री के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। सभी उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह के भीतर अपने पोस्टर, झंडे और प्रचार सामग्री हटाकर नष्ट करनी होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। लाउडस्पीकर केवल सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इसके अलावा सोशल मीडिया या आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद सदस्य और नगर निगम पार्षद के लिए चुनाव खर्च सीमा 1 लाख रुपए निर्धारित की गई है। वहीं नगर परिषद सदस्य के लिए 75 हजार और नगर पंचायत सदस्य के लिए 50 हजार रुपए की सीमा तय की गई है। प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपना पूरा व्यय विवरण निर्धारित प्रपत्र में जमा करवाना अनिवार्य होगा।
मनमोहन शर्मा ने सभी उम्मीदवारों से अपील की कि आदर्श आचार संहिता का पालन कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल और पारदर्शी बनाने में सहयोग दें।
