भगवान शिव के भक्तों के लिए ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि बेहद खास मानी जा रही है। इस पावन दिन पर शिव भक्त व्रत रखकर भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि का व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है, लेकिन ज्येष्ठ मास की शिवरात्रि को विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव का स्मरण करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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इस बार ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 मई, शुक्रवार को रखा जाएगा। चतुर्दशी तिथि की शुरुआत सुबह 08:31 बजे से होगी और इसका समापन 16 मई को सुबह 05:11 बजे होगा। वहीं शिवरात्रि की निशिता काल पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11:57 बजे से देर रात 12:38 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मध्य रात्रि में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

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शिव भक्त इस दिन जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर महादेव को प्रसन्न करते हैं। माना जाता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है और अविवाहित लोगों को मनचाहा जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही मानसिक तनाव, आर्थिक बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।

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धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ बेहद शुभ माना जाता है। शिव भक्तों के लिए यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लेकर आता है।

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