अक्सर लोग जूते-चप्पलों को सिर्फ फैशन और जरूरत की चीज मानते हैं, लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसका सीधा संबंध व्यक्ति की किस्मत और शनि ग्रह से बताया गया है। मान्यता है कि पैरों का निचला हिस्सा शनि से प्रभावित होता है, इसलिए जूते-चप्पलों से जुड़ी छोटी-छोटी गलतियां भी जीवन में नकारात्मक असर डाल सकती हैं। यही कारण है कि कई ज्योतिषाचार्य फुटवियर से जुड़े नियमों का पालन करने की सलाह देते हैं।

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ज्योतिष के अनुसार किसी से जूते या चप्पल गिफ्ट में लेना और देना शुभ नहीं माना जाता। खासकर काले रंग के जूते गिफ्ट में लेने से शनि दोष बढ़ सकता है। वहीं पीले रंग के जूते पहनना भी अशुभ बताया गया है क्योंकि पीला रंग देवगुरु बृहस्पति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति को आर्थिक परेशानियां और अपयश का सामना करना पड़ सकता है।

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इसके अलावा शनिवार, मंगलवार और अमावस्या के दिन नए जूते-चप्पल खरीदने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों फुटवियर खरीदने से शनि संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल बिखरे रखना भी नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है, जिससे घर का वातावरण प्रभावित हो सकता है।

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ज्योतिष में यह भी कहा गया है कि फटे, गंदे या टूटे हुए जूते पहनने से मानसिक तनाव और दुर्भाग्य बढ़ता है। दूसरे व्यक्ति के जूते-चप्पल पहनना भी अशुभ माना गया है क्योंकि इससे उसकी नकारात्मक ऊर्जा आपके जीवन पर असर डाल सकती है।

वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल कभी भी उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में नहीं रखने चाहिए। इन्हें दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है। मान्यता यह भी है कि यदि आपके जूते अचानक खो जाएं तो इसे शनि दोष दूर होने का संकेत माना जाता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ACNews इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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