हिन्दू पंचांग के अनुसार आज 11 जुलाई 2026, शनिवार को आषाढ़ मास (पूर्णिमांत) तथा ज्येष्ठ मास (अमांत) के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन विशेष महत्व रखता है। भगवान विष्णु की उपासना, व्रत, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों के लिए द्वादशी तिथि को अत्यंत शुभ माना जाता है।

आज द्वादशी तिथि रात्रि 26:06:45 तक रहेगी, जिसके उपरांत त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। कृत्तिका नक्षत्र प्रातः 11:04:27 तक रहेगा, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र का आरंभ होगा। गण्ड योग रात्रि 24:05:15 तक प्रभावी रहेगा।

पंचांग विवरण

  • मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • तिथि: द्वादशी (26:06:45 तक)
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: कृत्तिका (11:04:27 तक)
  • योग: गण्ड (24:05:15 तक)
  • करण: कौलव (15:48:30 तक), तत्पश्चात तैतिल
  • विक्रम संवत: 2083
  • प्रविष्टे/गत्ते: 27

धार्मिक महत्व

शनिवार और द्वादशी तिथि का संयोग भगवान विष्णु तथा भगवान शनिदेव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। आज के दिन व्रत, दान, गरीबों की सहायता, पीपल वृक्ष की पूजा तथा भगवान विष्णु के मंत्रों का जप शुभ फलदायी माना गया है। श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कृत्तिका नक्षत्र साहस, ऊर्जा और संकल्प का प्रतीक माना जाता है। वहीं गण्ड योग में सावधानीपूर्वक कार्य करने की सलाह दी जाती है। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और आत्मचिंतन के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है।

error: Content is protected !!