हिन्दू पंचांग के अनुसार 14 जुलाई 2026, मंगलवार को आषाढ़ मास (पूर्णिमांत) एवं ज्येष्ठ मास (अमांत) की कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि है। यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज आषाढ़ अमावस्या का पर्व मनाया जा रहा है, जिस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, दान-पुण्य और भगवान विष्णु तथा शिव की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है।

पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि दोपहर 3 बजकर 15 मिनट 48 सेकंड तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 12 बजकर 10 मिनट 59 सेकंड तक रहेगा। व्याघात योग सुबह 11 बजकर 57 मिनट 16 सेकंड तक प्रभावी रहेगा। नाग करण दोपहर 3 बजकर 15 मिनट 48 सेकंड तक तथा इसके बाद किन्स्तुघ्न करण रहेगा।

आज का पंचांग (14 जुलाई 2026)

  • वार : मंगलवार
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष
  • तिथि : अमावस्या (दोपहर 3:15:48 बजे तक)
  • पर्व : आषाढ़ अमावस्या
  • नक्षत्र : पुनर्वसु
  • योग : व्याघात
  • करण : नाग, किन्स्तुघ्न
  • विक्रम संवत : 2083

आषाढ़ अमावस्या का धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों के स्मरण और तर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान, गरीबों को अन्न-वस्त्र दान, गौ सेवा और धार्मिक अनुष्ठान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कई श्रद्धालु अपने पूर्वजों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना भी करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या पर किए गए दान और जप-तप का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु, भगवान शिव और पितृ देवताओं का स्मरण करते हुए पूजा-पाठ करते हैं।

आज का दिन आध्यात्मिक साधना, ध्यान और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए भी विशेष माना गया है।

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