हिन्दू पंचांग के अनुसार 16 जुलाई 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। साथ ही भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा और सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश का पर्व कर्क संक्रांति भी मनाया जा रहा है।
पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि प्रातः 08 बजकर 55 मिनट 29 सेकंड तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आश्लेषा नक्षत्र सायं 07 बजकर 53 मिनट 19 सेकंड तक रहेगा। वहीं सिद्धि योग रात्रि 01 बजकर 22 मिनट 17 सेकंड तक प्रभावी रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
आज के दिन कौलव करण सुबह 08:55 बजे तक तथा तैतिल करण शाम 07:38 बजे तक रहेगा। विक्रम संवत 2083 का यह प्रथम प्रविष्टे (गत्ते 1) का दिन भी है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार जगन्नाथ रथ यात्रा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। वहीं कर्क संक्रांति के अवसर पर स्नान, दान और सूर्य उपासना का विशेष महत्व बताया गया है।
16 जुलाई 2026 पंचांग संक्षेप में
- मास: आषाढ़
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: द्वितीया (08:55:29 तक)
- वार: गुरुवार
- नक्षत्र: आश्लेषा (19:53:19 तक)
- योग: सिद्धि (25:22:17 तक)
- करण: कौलव, तैतिल
- पर्व: जगन्नाथ रथ यात्रा, कर्क संक्रांति
- विक्रम संवत: 2083
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सिद्धि योग और कर्क संक्रांति का यह विशेष संयोग धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
