हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया एवं चतुर्थी तिथि का संयोग बन रहा है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन विशेष महत्व रखता है। पूजा-पाठ, शुभ कार्यों और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पंचांग की जानकारी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आज तृतीया तिथि प्रातः 06 बजकर 30 मिनट 07 सेकंड तक रहेगी, इसके पश्चात चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी जो रात्रि 28 बजकर 44 मिनट 53 सेकंड तक प्रभावी रहेगी। मघा नक्षत्र सायं 18 बजकर 35 मिनट 40 सेकंड तक रहेगा। वहीं व्यतीपात योग रात्रि 22 बजकर 45 मिनट 53 सेकंड तक विद्यमान रहेगा।
आज का पंचांग – 17 जुलाई 2026
- मास : आषाढ़
- पक्ष : शुक्ल पक्ष
- वार : शुक्रवार
- तिथि : तृतीया (06:30:07 तक), तत्पश्चात चतुर्थी
- नक्षत्र : मघा (18:35:40 तक)
- योग : व्यतीपात (22:45:53 तक)
- करण : गर (06:30:07 तक), वणिज (17:32:06 तक)
- विक्रम संवत : 2083
- प्रविष्टे/गत्ते : 2
धार्मिक महत्व
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की तृतीया और चतुर्थी तिथि भगवान गणेश तथा देवी-देवताओं की आराधना के लिए शुभ मानी जाती है। श्रद्धालु आज व्रत, पूजा और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्य कर सकते हैं। पंचांग के अनुसार शुभ समय में किए गए कार्यों को विशेष फलदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचांग का अध्ययन करने से दिनभर के शुभ-अशुभ समय की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाई जा सकती है।
